आधार अपडेट 2025: नई सुविधाएं, बदलाव और भविष्य की दिशा
आधार अपडेट 2025: नई सुविधाएं, बदलाव और भविष्य की दिशा
भारत में आधार नंबर अब हर नागरिक की पहचान का सबसे महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। चाहे बैंक खाता खोलना हो, मोबाइल सिम लेना हो, सब्सिडी का लाभ उठाना हो या किसी भी सरकारी योजना का फायदा लेना हो – आधार अनिवार्य हो गया है। आज के समय में लगभग 142 करोड़ से अधिक आधार कार्ड बन चुके हैं और अब देश में आधार का सैचुरेशन लगभग पूरा हो चुका है।
हालांकि, जैसे-जैसे आधार का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इसकी सुरक्षा और अपडेट्स से जुड़े सवाल भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के सीईओ ने विस्तार से बताया कि आने वाले समय में आधार को और भी सुरक्षित और आसान बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
- ऑनलाइन अपडेट की सुविधा
पहले आधार अपडेट कराने के लिए केंद्रों पर लंबी कतारें लगती थीं, लेकिन अब अधिकांश काम ऑनलाइन ही हो रहे हैं।
एड्रेस अपडेट – आधार पोर्टल (My Aadhaar) और mAadhaar ऐप से एड्रेस अपडेट किया जा सकता है। यह सुविधा चार्जेबल है।
डॉक्यूमेंट अपडेट – यदि आपके पुराने डॉक्यूमेंट गलत हैं या अपडेट करने की ज़रूरत है, तो यह सेवा फिलहाल फ्री है।
मोबाइल नंबर अपडेट – यह प्रक्रिया अभी पूरी तरह ऑनलाइन नहीं है क्योंकि यह सबसे संवेदनशील डेटा है। मोबाइल बदलने पर OTP और बैंकिंग सुरक्षा प्रभावित होती है। जल्द ही फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से इसे भी मोबाइल से अपडेट किया जा सकेगा।
- नाम और जन्मतिथि सुधार की प्रक्रिया
कई बार आधार में नाम या जन्मतिथि की गलतियां हो जाती हैं। UIDAI ने इसे दो हिस्सों में बांटा है:
छोटी गलतियां – जैसे स्पेलिंग मिस्टेक या टाइपो, जिन्हें आसानी से सुधारा जा सकता है।
बड़े बदलाव – जैसे पूरा नाम बदलना या सरनेम हटाना/जोड़ना। इसके लिए गजट नोटिफिकेशन अनिवार्य है ताकि किसी भी तरह का दुरुपयोग रोका जा सके।
जन्मतिथि सुधार केवल तभी किया जा सकता है जब आपके पास वेरिफायबल डॉक्यूमेंट हो। पहले “1 जनवरी” जैसी डमी डेट डाल दी जाती थी, लेकिन अब केवल “Year of Birth” डाला जाता है।
- बच्चों का आधार और बायोमेट्रिक अपडेट
बच्चों के लिए आधार अपडेट की प्रक्रिया अलग है क्योंकि छोटे बच्चों के फिंगरप्रिंट्स और आइरिस पूरी तरह विकसित नहीं होते।
5 साल की उम्र में पहला बायोमेट्रिक अपडेट (MBU-1) करना अनिवार्य है।
15 साल की उम्र में दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट (MBU-2) अनिवार्य है।
स्कूलों में विशेष कैम्प लगाए जा रहे हैं ताकि सभी बच्चों का आधार अपडेट समय पर हो सके।
- फेस ऑथेंटिकेशन – भविष्य की दिशा
UIDAI अब फेस ऑथेंटिकेशन पर ज़ोर दे रहा है। इसका फायदा यह है कि आपको किसी विशेष डिवाइस (फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैनर) की ज़रूरत नहीं होगी। कोई भी स्मार्टफोन या लैपटॉप इस काम को कर सकता है।
इससे ऑनलाइन सेवाओं को लेना आसान हो जाएगा।
दुरुपयोग रोकने के लिए UIDAI लगातार टेक्नोलॉजी को अपग्रेड कर रहा है ताकि नकली फेस का इस्तेमाल न हो सके।
- मृत व्यक्तियों के आधार का डीएक्टिवेशन
UIDAI अब उन लोगों के आधार कार्ड को भी निष्क्रिय कर रहा है जिनका निधन हो चुका है। इसका उद्देश्य है कि कोई और व्यक्ति मृतक के नाम पर गलत तरीके से लाभ न उठा सके।
अब तक 1.4 करोड़ से अधिक आधार डीएक्टिवेट किए जा चुके हैं।
दिसंबर 2025 तक यह संख्या 2 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
इसके लिए रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया और राज्यों के जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन सिस्टम से डेटा लिया जा रहा है।
- आधार और नागरिकता का मुद्दा
कई लोगों का सवाल है कि क्या आधार नागरिकता का प्रमाण है? UIDAI का जवाब स्पष्ट है – नहीं।
आधार केवल “रेजिडेंट” यानी भारत में 12 महीने से अधिक समय बिताने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
नागरिकता का प्रमाण केवल पासपोर्ट या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य दस्तावेज होते हैं।
- डेटा सुरक्षा और नया DPDP एक्ट
डिजिटल युग में डेटा सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल है। UIDAI ने बताया कि:
आधार डेटा केवल भारत में ही स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर्स (मानेसर और बेंगलुरु) में रखा जाता है।
कोई भी कंपनी या संस्था आधार डेटा को बाहर नहीं ले जा सकती।
अब तक UIDAI के सेंट्रल सर्वर से कभी भी कोई डेटा ब्रीच नहीं हुआ है।
नया Digital Personal Data Protection Act (DPDP) भी लागू हो रहा है, लेकिन UIDAI का मानना है कि आधार अधिनियम पहले से ही उससे ज्यादा सख्त है।
- भविष्य की संभावनाएं
आधार से जुड़े कई नए प्रयोग जारी हैं:
रेलवे रिज़र्वेशन और बैंकिंग सेवाओं में बड़े स्तर पर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल।
किसान सब्सिडी, पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और परीक्षा अटेंडेंस में आधार ऑथेंटिकेशन।
नवंबर–दिसंबर 2025 तक मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा पूरी तरह घर बैठे ऑनलाइन उपलब्ध होने की संभावना।