कांतारा चैप्टर 1: 2025 की पहली 1000 करोड़ वाली फिल्म बन सकती है? एक समीक्षा और विश्लेषण
फिल्म जगत में एक बार फिर तहलका मचा हुआ है। ‘कांतारा चैप्टर 1’ के रिलीज होते ही ऐसा लग रहा है जैसे साल 2025 की बॉक्स ऑफिस की रुकी हुई नदी फिर से बह निकली हो। इस साल अब तक कोई भी फिल्म, चाहे वह बॉलीवुड की हो या साउथ की, दर्शकों के दिलों पर पूरी तरह राज नहीं कर पाई थी। हर फिल्म किसी न किसी क्षेत्र विशेष में पसंद की गई, लेकिन पैन-इंडिया लेवल पर वह धूम नहीं मचा पाई।
लेकिन ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने यह कमी पूरी कर दिखाई है। फिल्म को हर भाषा – कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी – में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। खास बात यह है कि यह सराहना सिर्फ समीक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम दर्शक ही हैं जो थिएटरों में तालियां बजाकर फिल्म का जादू बढ़ा रहे हैं।
सवाल यह उठता है: क्या कांतारा चैप्टर 1, 2025 की पहली 1000 करोड़ कमाने वाली फिल्म बन सकती है?
पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड देखें तो हर साल दो-दो फिल्मों ने 1000 करोड़ का आंकड़ा पार किया था। 2022 में ‘KGF 2’ और ‘RRR’, 2023 में ‘पठान’ और ‘जवान’, और 2024 में ‘कल्कि’ और ‘पुष्पा 2’ ने यह कारनामा किया। लेकिन 2025 अब तक इस मामले में सूनापन झेल रहा था। ‘कांतारा’ ही वह फिल्म है जो इस इतिहास को बदल सकती है।
बजट की चिंता नहीं, सफलता की उड़ान तय
फिल्म का बजट लगभग 125 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस साल कई बड़ी फिल्में अपना बजट भी वसूल नहीं कर पाईं, लेकिन ‘कांतारा’ ने तो रिलीज के पहले ही वीकेंड में यह सपना पूरा करने के संकेत दे दिए हैं। एडवांस बुकिंग में टिकटों की भारी बिक्री ने साफ कर दिया है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जोरदार शुरुआत करेगी। अनुमान है कि पहले दिन ही दुनियाभर में इसने लगभग 100 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया होगा।
कैसे संभव है 1000 करोड़ का सफर?
अगर फिल्म का पहला वीकेंड 350-400 करोड़ का कलेक्शन कर लेती है, तो यह सफर आसान हो जाएगा। इसके बाद आने वाले वर्किंग डेज में अगर रोजाना 30-40 करोड़ का कलेक्शन बना रहा, तो अगले संडे तक फिल्म 700 करोड़ के आसपास पहुंच सकती है। उसके बाद बचे 300 करोड़ का आंकड़ा पार करना फिल्म के लिए मुश्किल नहीं रह जाएगा। खासकर तब, जब अगले कुछ हफ्तों में कोई बड़ी पैन-इंडिया फिल्म रिलीज नहीं हो रही है। ‘कांतारा’ के पास दर्शकों का दिल जीतने का पूरा मौका है।
एक ऐसी फिल्म जो सिनेमा नहीं, एक दैवीय अनुभव है!
अगर आप ‘कांतारा चैप्टर 1’ को सिर्फ उसके ट्रेलर से जज कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। आप एक बहुत बड़े धोखे में हैं। ट्रेलर में तो फिल्म का महज 1% ही दिखाया गया है, बाकी का 99% वह जादू है जो आपको थिएटर में बैठकर ही महसूस होगा।
क्या है इस बार की कहानी?
यह फिल्म ‘कांतारा’ से भी पहले की कहानी लेकर आई है। हालांकि दोनों फिल्में आपस में जुड़ी हुई हैं, लेकिन अगर आपने पहली फिल्म नहीं देखी है, तब भी आप इसे एक नई और स्वतंत्र कहानी के तौर पर देख सकते हैं। यह कहानी है जंगल, इंसानी लालच, सामाजिक भेदभाव और फिर जमीन के नीचे दबी एक ऐसी शक्ति के जागने की, जो इंसान के भगवान बनने के घमंड को चूर-चूर कर देती है।
क्लाइमेक्स: जहां शब्द फेल हो जाते हैं
पिछली फिल्म का क्लाइमेक्स याद कीजिए, जिसने सबका दिल जीत लिया था। इस बार वह क्लाइमेक्स 100 गुना बड़ा, भव्य और दिव्य है। ऋषभ शेट्टी ने सिर्फ एक एक्शन सीक्वेंस नहीं, बल्कि शिव के तांडव का एक ऐसा जीवंत दृश्य पेश किया है, जो आपके रोंगटे खड़े कर देगा। फिल्म का दूसरा हाफ हर दूसरे सीन के साथ आपको एक नए आश्चर्य से भर देता है।
एक्टिंग और म्यूजिक: दिल छू लेने वाले
ऋषभ शेट्टी की एक्टिंग और डायरेक्शन इस फिल्म की रीढ़ हैं। क्लाइमेक्स में उनका अभिनय देखकर तो लगता है कि नेशनल अवार्ड अब सिर्फ उनका इंतजार कर रहा है। हीरोइन रुक्मणी की भूमिका इस बार सिर्फ सजावट नहीं है, बल्कि कहानी को आगे बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका है। और संगीत तो फिल्म की आत्मा बन गया है। यह संगीत बिना बोले आपसे बात करता है और हर भावना को महसूस कराता है।
निष्कर्ष: 5 में से 5 स्टार्स
क्या फिल्म में कमियां हैं? जरूर हैं। फिल्म थोड़ी लंबी लग सकती है, कुछ दृश्यों को ट्रिम किया जा सकता था। लेकिन जब आप उस अद्भुत क्लाइमेक्स तक पहुंचते हैं, तो ये सारी छोटी-मोटी बातें धुंधली पड़ जाती हैं। ‘कांतारा चैप्टर 1’ सिर्फ सिनेमा नहीं, एक आध्यात्मिक अनुभव है। यह पूरी तरह से फैमिली फ्रेंडली फिल्म है और इस साल अब तक की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक है। तो फिर इंतजार किस बात का? अपनी टिकट बुक करें और इस जादू को खुद महसूस करें।